BREXIT: भारत, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के मध्य संबंधों का भविष्य | CSTV


BREXIT के बाद ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो गया. परंतु भारत दोनों के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं | ब्रिटेन में 800 से भी अधिक भारतीय कंपनियां है और लगभग 1.10 लाख लोगों को रोजगार देती है| 2000 से 2016 के बीच ब्रिटेन ने भारतीय उद्योगों में 24 अरब डॉलर से भी अधिक का निवेश किया है| भारत – ब्रिटेन का यह अच्छा संबंध तेजी से बढ़ती हुई भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही सुनहरा अवसर प्रदान करेगा|
दूसरी और यूरोपीय संघ और भारत के बीच आपसी सहयोग तथा साझेदारी का लंबा इतिहास रहा है| भारत और यूरोपीय संघ के बीच 14वीं शिखर वार्ता 6 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली में हुई तथा इस वार्ता में व्यापार सुरक्षा इत्यादि पर महत्वपूर्ण विचार विमर्श हुआ तथा एक घोषणापत्र का अभिग्रहण किया गया| इसमें अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से लड़ने के लिए भी एक योजना बनाई गई| यह भारत तथा यूरोपीय संघ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है|
भारत, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के मध्य संबंधों के भविष्य को लेकर एक परिचर्चा Amb. Vishnu Prakash, IFS Retd., Former Ambassador of India to Canada & South Korea & MEA Spokesperson और Dr. S. Mukherjee, Educationist & Author के मध्य |